सौरव गांगुली के क्रिकेट को अलविदा कहेने का निर्णय भारत के अन्य खिलाड़ियों के लिए आदर्श हैं.जब आप शिखर पर होते हो तो आपको शिखर बदलना चाहिए.भारतीय खिलाड़ी ख़ुद को तो हमेशाही जवान समजाते है.उनकी इस समाज से दुसरें उभरते हुए खिलाड़ियों का चयन मुश्किल हो जाता हैं.गांगुली ने अपनी निवृत्ति घोषित कर एक और खिलाड़ी को मौका दिया हैं.